Thursday, May 22, 2008

धुंध है और धुआं है...

धुंध है और धुआं है,
एक सफ़ेद सा कुआँ है.
साँसे हैं ठंडी हवाएं,
चलती हैं बस बिन बताये.
दिल को बुखार सा हुआ है…

धुंध है और धुआं है…

पाले न आंसू हैं पाले,
काम आते नहीं दुशाले.
दर्द सा दिल के दरमियाँ है…

धुंध है और धुआं है…

Labels: , , ,

0 Comments:

Post a Comment

Subscribe to Post Comments [Atom]

<< Home