भीगी भीगी सुबह...
भीगी भीगी सुबह,रंग तेरा लिए…
तू चली आती है,
रोज़ सवेरा लिए.
यूँ तो होते हैं बादल आसमानी,
लिखते फिरते हैं हवाओं पे कहानी.
तेरे संग हर दिन आता है,
एक पन्ना सुनहरा लिए…
भीगी भीगी सुबह,
रंग तेरा लिए…
तेरी आंखों में ज़रा झाँक लूँ मैं,
तेरे आसमान पर एक सितारा टांक दूँ मैं.
तेरे बिना तो दिन आता है,
जैसे अँधेरा लिए…
भीगी भीगी सुबह,
रंग तेरा लिए…


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